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उत्तर प्रदेश में ठंड और शीतलहर के प्रभाव के बीच अब स्कूल 15 जनवरी तक बंद रहेंगे।राज्य सरकार ने निर्धारित शीतकालीन अवकाश को आगे बढ़ाया है।
पहले कुछ जिलों में शिक्षकों को बुलाने के आदेश जारी किए गए थे।लेकिन बाद में इन्हें वापस ले लिया गया।इस फैसले से बच्चों और शिक्षकों दोनों को राहत मिली है
15 जनवरी तक स्कूल रहेंगे बंद
प्रदेश में इस बार ठंड सामान्य से ज्यादा है।
कई जिलों में घना कोहरा और तापमान में भारी गिरावट देखी गई है।
इसी वजह से शीतकालीन अवकाश को लेकर सख्ती बरती जा रही है।
शासन स्तर पर यह स्पष्ट किया गया है कि छात्र अब सीधे 15 जनवरी को ही स्कूल आएंगे।
इससे पहले किसी भी प्रकार की कक्षाएं संचालित नहीं होंगी।
शिक्षकों को बुलाने का आदेश क्यों हुआ रद्द
छुट्टियों के दौरान कुछ जिलों में शिक्षकों को स्कूल बुलाने के निर्देश दिए गए थे।इनका उद्देश्य शैक्षणिक और प्रशासनिक कार्य पूरे करना बताया गया था।
लेकिन ठंड की गंभीरता को देखते हुए इन आदेशों पर पुनर्विचार किया गया।इसके बाद शिक्षकों को बुलाने का फैसला वापस ले लिया गया।अब शिक्षक भी छात्रों के साथ 15 जनवरी से ही स्कूल आएंगे।
डिजिटल और प्रशासनिक कार्य टाले गए
पहले शिक्षकों से स्कूल आकर रिकॉर्ड अपडेट करने और अन्य काम पूरे करने को कहा गया था।
लेकिन सर्दी के मौसम में आने-जाने की परेशानी को देखते हुए यह निर्णय बदला गया।
शिक्षा विभाग का मानना है कि सभी जरूरी कार्य स्कूल खुलने के बाद भी पूरे किए जा सकते हैं।
इससे किसी तरह का शैक्षणिक नुकसान नहीं होगा।
बच्चों की सेहत को प्राथमिकता
सरकार ने साफ कहा है कि बच्चों की सुरक्षा सबसे जरूरी है।
ठंड और कोहरे में छोटे बच्चों का बाहर निकलना स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकता है।
इसी कारण स्कूल खोलने में कोई जल्दबाजी नहीं की जा रही है।
अभिभावकों ने भी इस फैसले को सही बताया है।
मौसम की स्थिति बनी वजह
प्रदेश के कई हिस्सों में सुबह के समय दृश्यता काफी कम है।सड़कों पर कोहरा छाया रहता है।
ऐसे हालात में स्कूल जाना जोखिम भरा हो सकता है।
प्रशासन मौसम पर लगातार नजर बनाए हुए है।
अगर हालात बदले तो आगे भी निर्णय लिया जा सकता है।
आगे की तैयारी
अब सभी स्कूल 15 जनवरी से नियमित रूप से खुलेंगे।
शिक्षा विभाग ने स्कूल प्रबंधन को तैयारियां पूरी रखने के निर्देश दिए हैं।
पाठ्यक्रम और पढ़ाई सामान्य रूप से शुरू की जाएगी।
निष्कर्ष
उत्तर प्रदेश में स्कूलों को लेकर भ्रम की स्थिति अब खत्म हो गई है।
छात्र और शिक्षक दोनों 15 जनवरी से ही स्कूल आएंगे।
शिक्षकों को बुलाने का आदेश वापस लेकर सरकार ने साफ संदेश दिया है।
फिलहाल प्राथमिकता बच्चों और शिक्षकों की सुरक्षा है।ठंड के मौसम में यह फैसला जरूरी माना जा रहा है।
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