
धरौली में STEM लैब का उद्घाटन, बच्चों ने पूछे रोचक सवाल—इसरो प्रमुख ने सरल भाषा में दिए जवाब
मऊ में शुक्रवार का दिन छात्रों के लिए किसी यादगार पल से कम नहीं रहा।
इसरो के स्पेस एप्लीकेशन सेंटर के डायरेक्टर डॉ. निलेशएम. देसाई जिले में आए और उन्होंने लगभग 1,500 बच्चों से सीधे संवाद किया। कार्यक्रम के दौरान बच्चों के चेहरों पर उत्साह साफ नजर आ रहा था, मानो उन्हें अपने सपनों को नई उड़ान मिल गई हो।
HighLights
- इसरो निदेशक ने छात्रों को प्रेरित किया
- अंतरिक्ष प्रयोगशाला का उद्घाटन किया गया
- वैज्ञानिक सोच विकसित करने पर जोर
डॉ. देसाई ने बेहद सरल और प्रेरक अंदाज़ में बच्चों से बातें कीं।
उन्होंने कहा कि भारत आज अंतरिक्ष तकनीक के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है और आने वाले समय में इस क्षेत्र में युवाओं के लिए बेहतर अवसर पैदा होंगे।
उन्होंने बच्चों को सलाह दी कि वे “जिज्ञासा को कभी खत्म न होने दें” और विज्ञान को सिर्फ पढ़ाई नहीं, बल्कि एक रोमांचक यात्रा समझें।
कार्यक्रम में बच्चों ने उपग्रह, रॉकेट लॉन्च और इसरो के मिशनों से जुड़े कई सवाल पूछे।
डॉ. देसाई ने हर सवाल का धैर्य और मुस्कान के साथ जवाब दिया।
कई छात्र तो उनसे प्रेरित होकर अंतरिक्ष वैज्ञानिक बनने की इच्छा भी जताते नजर आए।
इसी मौके पर घोसी ब्लॉक के पूर्व माध्यमिक विद्यालय, धरौली में उनके नाम पर STEM (विज्ञान, तकनीक, इंजीनियरिंग और गणित) लैब का शुभारंभ किया गया।
इस लैब के शुरू होने से छात्रों को स्कूल स्तर पर ही तकनीक और विज्ञान से जुड़े प्रयोग करने का मौका मिलेगा।
शिक्षकों का कहना है कि यह लैब ग्रामीण बच्चों के लिए एक बड़ा अवसर है, जिससे उनकी पढ़ाई का स्तर और आत्मविश्वास दोनों बढ़ेंगे।
जिला प्रशासन के अधिकारियों ने बताया कि मऊ के कई स्कूलों में अंतरिक्ष और विज्ञान से जुड़े कार्यक्रम पहले से चल रहे हैं।
पिछले महीनों में कुछ छात्रों को इसरो केंद्रों का दौरा भी कराया गया था, जिससे उनमें नई जानकारी के साथ आगे बढ़ने का उत्साह बढ़ा है।
कुल मिलाकर दिन भर का यह कार्यक्रम छात्रों में नई ऊर्जा, जिज्ञासा और बड़े सपने देखने का आत्मविश्वास भर गया
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