
AI की ग्लोबल रेस में बड़ा उलटफेर : भारत ने झपटा तीसरा स्थान
नईदिल्ली: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की वैश्विक रैंकिंग में भारत ने एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। हाल ही में जारी हुई ग्लोबल AI इंडेक्स (Global AI Index) में भारत ने तीसरा स्थान हासिल करके दुनिया को चौंका दिया है। यह भारतीय तकनीकी इकोसिस्टम और सरकारी नीतियों की बड़ी सफलता मानी जा रही है। इस छलांग के साथ, भारत अब दुनिया के उन चुनिंदा देशों में शामिल हो गया है, जो AI के क्षेत्र में बड़ी शक्ति बनने की क्षमता रखते हैं।
शीर्ष पर कौन? अमेरिका और चीन की बादशाहत
जाहिर है, ग्लोबल AI रैंकिंग में अमेरिका ने अपनी बादशाहत कायम रखी है। वह पहले स्थान पर मजबूती से डटा हुआ है।
वहीं, चीन दूसरे स्थान पर काबिज़ है। यह दोनों देश लंबे समय से AI के क्षेत्र में सबसे बड़े निवेशक और इनोवेटर रहे हैं।
इस लिस्ट में भारत का तीसरे स्थान पर आना, दुनिया की दो सबसे बड़ी ताकतों – अमेरिका और चीन – के लिए भी एक बड़ा संकेत है।
भारत की सफलता के पीछे क्या है ?
दरअसल, भारत की इस सफलता के पीछे कई बड़े कारण हैं।
सबसे पहले, भारत सरकार ने AI को राष्ट्रीय मिशन के रूप में बढ़ावा दिया है।
इसके अलावा, देश में बड़ी संख्या में AI स्टार्टअप्स और इनोवेटिव कंपनियां तेजी से बढ़ रही हैं।
इस लिए, भारत के युवा और प्रतिभाशाली इंजीनियर्स का एक बड़ा पूल दुनिया की सबसे बड़ी टेक कंपनियों को AI प्रतिभाएं दे रहा है।
सरकारी पहल जैसे ‘डिजिटल इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ ने AI रिसर्च और डेवलपमेंट के लिए एक मजबूत नींव रखी है।
परिणाम स्वरूप, भारत ने AI टैलेंट पूल, रिसर्च पब्लिकेशन और सरकारी रणनीति जैसे प्रमुख मापदंडों पर शानदार प्रदर्शन किया है।
आगे की राह : भारत का लक्ष्य क्या है ?
भारत अब इस गति को बनाए रखने के लिए कमर कस रहा है।
सरकार का अगला लक्ष्य AI के इस्तेमाल को हेल्थकेयर, कृषि और शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में बढ़ाना है।
इसके अलावा, AI में स्किल डेवलपमेंट पर भी खासा जोर दिया जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले कुछ सालों में भारत दुनिया के शीर्ष दो AI महाशक्तियों को भी कड़ी टक्कर दे सकता है।
हालांकि, इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए निजी निवेश और सरकारी सहयोग को और मजबूत करना होगा।
यह रैंकिंग भारत के लिए न केवल गर्व का विषय है,
बल्कि यह देश को एक ग्लोबल टेक्नोलॉजी लीडर के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
भारत ने सिद्ध कर दिया है कि वह केवल सॉफ्टवेयर सर्विस प्रोवाइडर ही नहीं,
बल्कि अगली पीढ़ी की तकनीक का इनोवेटर भी बन सकता है।
दुनिया के लिए मायने
भारत की यह उपलब्धि बताती है कि अब AI का विकास सिर्फ विकसित देशों तक सीमित नहीं है।
भारत, एक विकासशील देश होते हुए भी, AI के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
संक्षेप में कहें तो, ग्लोबल AI परिदृश्य में अब एक नई शक्ति का उदय हो चुका है।
लेख का सारांश
भारत ने AI की ग्लोबल रैंकिंग में तीसरा स्थान हासिल किया है, जो देश की तकनीकी प्रगति का एक बड़ा प्रमाण है।
अमेरिका पहले और चीन दूसरे स्थान पर है। सरकारी प्रोत्साहन और विशाल टैलेंट पूल ने भारत को यह मुकाम दिलाया है।
भारत का अगला फोकस AI को आम जीवन के क्षेत्रों में लागू करना है।
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