
Mau News : मऊ जिले के इब्राहिमाबाद गांव में स्थित कब्रिस्तान हाल के दिनों में चर्चा का गंभीर विषय बना हुआ है। ग्रामीणों के अनुसार यहाँ जुआ और नशा लगातार बढ़ रहा है। कब्रिस्तान, जो शांति और सम्मान का स्थान होना चाहिए, आज कुछ लोगों के गलत व्यवहार की वजह से परेशानी का कारण बन गया है। इससे गांव का माहौल बिगड़ रहा है। लोग अब सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं
कब्रिस्तान में बढ़ रही संदिग्ध गति विधियाँ
ग्रामीण बताते हैं कि कब्रिस्तान में सुबह से लेकर देर रात तक कुछ लोग जमा रहते हैं।
ये लोग जुआ खेलते हैं और नशा करते हैं। आसपास के गांवों से भी कई लोग यहां पहुंचते हैं।
इससे स्थिति और भी खराब होती जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार समझाने के बावजूद ये लोग वहां से हटते नहीं हैं।
उनका व्यवहार भी अक्सर बदतमीज़ी भरा होता है। इसलिए आम ग्रामीण खुद कार्रवाई करने की स्थिति में नहीं हैं।
कब्रिस्तान जैसी जगह पर इस तरह की हरकतें धार्मिक भावनाओं को भी ठेस पहुंचाती हैं।
लोग कहते हैं कि पवित्र स्थान की इस तरह से अवमानना असहनीय है। बच्चों और महिलाओं का इस रास्ते से निकलना अब मुश्किल हो गया है।
गांव के सामाजिक माहौल पर असर
इब्राहिमाबाद इलाके में यह समस्या अब सिर्फ परेशानी नहीं बल्कि सामाजिक खतरा बन चुकी है।
ग्रामीणों का कहना है कि कब्रिस्तान में जुआ और नशे का अड्डा बनना युवाओं को भी गलत राह पर ले जा रहा है।
कई छोटे बच्चे इन गतिविधियों को देखकर गलत सीख सकते हैं।
यही वजह है कि लोग जल्द कार्रवाई चाहते हैं।
महिलाएं यहाँ से गुजरने में डर महसूस करती हैं। रात के समय माहौल और भी असुरक्षित हो जाता है।
इसके अलावा, जुआ खेलने वालों में कई बार झगड़े भी होते हैं।
इससे गांव के लोगों में डर बढ़ रहा है। ग्रामीणों का स्पष्ट कहना है कि वे अब चुप बैठने वाले नहीं हैं।
वे चाहते हैं कि प्रशासन इस समस्या को गंभीरता से देखे।
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ग्रामीणों की मांग: पुलिस गश्त और सख्त कदम
गांव के लोगों ने कई बार शिकायत दर्ज कराई है।
कुछ लोग समाधान दिवस में भी यह बात उठा चुके हैं।
लेकिन अब तक कोई बड़ी कार्रवाई नहीं हुई।
ग्रामीणों का मानना है कि पुलिस की गश्त बढ़ेगी तो हालत सुधर सकते हैं।
वे चाहते हैं कि कब्रिस्तान के पास नियमित निगरानी हो।
इसके साथ ही ग्रामीणों की यह भी मांग है कि वहां अवैध गतिविधियों में शामिल लोगों पर सख्त कार्रवाई की जाए।
कई लोगों का कहना है कि यदि पुलिस समय रहते कठोर कदम नहीं उठाएगी, तो यह समस्या और फैल सकती है।
गांव में शांति बनाए रखने के लिए यह कार्रवाई जरूरी है।
समस्या का समाधान कैसे हो सकता है?
इब्राहिमाबाद कब्रिस्तान जुआ नशा समस्या का समाधान तभी संभव है जब पुलिस और ग्राम समाज मिलकर काम करें।
पुलिस की निरंतर गश्त, प्रकाश व्यवस्था की सुधार, और निगरानी कैमरे लगाए जाने से खतरा कम हो सकता है।
युवा वर्ग को जागरूक करना भी ज़रूरी है। पंचायत स्तर पर भी बैठकें हो सकती हैं, ताकि गांव एकजुट होकर इस समस्या का सामना कर सके।
निष्कर्ष
इब्राहिमाबाद कब्रिस्तान जुआ नशा मुद्दा केवल कानून व्यवस्था का मामला नहीं है।
यह सामाजिक, धार्मिक और नैतिक मूल्यों से जुड़ा हुआ है।
अगर समय रहते कोई मजबूत कदम नहीं उठाया गया, तो गांव का माहौल पूरी तरह बिगड़ सकता है।
ग्रामीणों की मांग बिल्कुल जायज़ है।
अब प्रशासन को आगे बढ़कर जिम्मेदारी निभानी चाहिए और इलाके में शांति बहाल करनी चाहिए।
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