परिषदीय स्कूलों में उपस्थिति बढ़ाने और कायाकल्प के 19 पैरामीटर पूरे करने के लिए ग्राम प्रधानों को दी जाएगी नई जिम्मेदारी, ब्लॉक स्तर पर होगा प्रशिक्षण
मऊ, संवाददाता।जनपद के परिषदीय विद्यालयों में बच्चों की घटती उपस्थिति को बढ़ाने के लिए शासन ने बड़ा कदम उठाया है।
अब स्कूलों में नामांकन और नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए ग्राम प्रधान और प्रधानाध्यापक खुद बच्चों के घर-घर जाकर संपर्क करेंगे।
बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से इस संबंध में ग्राम प्रधानों और प्रधानाध्यापकों की संयुक्त एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की जाएगी।
इस प्रशिक्षण के जरिए स्कूलों के विकास और बच्चों की शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया जाएगा।
जनपद के 1208 परिषदीय विद्यालयों के लिए यह प्रशिक्षण सभी ब्लॉकों में तीन घंटे के सत्र में कराया जाएगा।
कार्यशाला में ग्राम प्रधानों को बच्चों की हाजिरी बढ़ाने, आधार कार्ड सीडिंग,
और निपुण भारत अभियान के तहत कमजोर बच्चों पर विशेष ध्यान देने की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।
प्रशिक्षण के दौरान प्रधान और प्रधानाध्यापक घर-घर जाकर बच्चों की उपस्थिति की जांच,
स्कूल न आने वाले बच्चों के अभिभावकों से संवाद और शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने का कार्य करेंगे।
इसके साथ ही निपुण आंकलन में पिछड़ रहे बच्चों के घर जाकर विशेष संपर्क करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
इतना ही नहीं, स्कूलों में शौचालय, पेयजल, फर्नीचर, चहारदीवारी सहित कायाकल्प के 19 पैरामीटर को संतृप्त करने का लक्ष्य भी ग्राम प्रधानों के सहयोग से पूरा किया जाएगा।
महानिदेशक स्कूल शिक्षा द्वारा इस संबंध में बीएसए को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
वहीं बीएसए संतोष कुमार उपाध्याय ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को पत्र जारी कर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम सुनिश्चित कराने को कहा है।
गौरतलब है कि अब तक कई ग्राम प्रधान स्कूलों की हाजिरी और कायाकल्प कार्यक्रम में अपेक्षित सहयोग नहीं करते थे,
जिसके चलते कई विद्यालयों का विकास प्रभावित होता रहा।
लगातार मिल रही शिकायतों के बाद अब शासन स्तर पर ग्राम प्रधानों को प्रशिक्षण देकर सीधे जिम्मेदारी तय की गई है।
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