बाल निकेतन रेलवे क्रॉसिंग के पास बन रहा है ओवरब्रिज
उत्तर प्रदेश के मऊ शहर में बन रहे जीरो ओवरब्रिज के निर्माण को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। स्थानीय संगठन ने निर्माण कार्य में अनियमितता और घटिया सामग्री के इस्तेमाल का आरोप लगाया है।
बताया गया कि बाल निकेतन रेलवे क्रॉसिंग के पास यह ओवरब्रिज बनाया जा रहा है। शहर के लोगों के लिए यह परियोजना काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। लंबे समय से यहां ओवरब्रिज की मांग की जा रही थी।
हालांकि अब निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इतने महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट में किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जा सकती।
जिलाधिकारी को सौंपा गया ज्ञापन
शुक्रवार को एक संगठन के पदाधिकारियों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा।
इस दौरान उन्होंने निर्माण कार्य की जांच कराने की मांग की।
ज्ञापन में कहा गया कि ओवरब्रिज के निर्माण में कई तरह की अनियमितताएं दिखाई दे रही हैं।
यदि समय रहते इसकी जांच नहीं कराई गई तो भविष्य में यह लोगों के लिए खतरा बन सकता है।
संगठन के पदाधिकारियों ने प्रशासन से मांग की कि पूरे निर्माण कार्य की तकनीकी जांच कराई जाए।
साथ ही दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
घटिया सामग्री इस्तेमाल करने का आरोप
संगठन से जुड़े लोगों का आरोप है कि पुल के निर्माण में मानकों के अनुरूप सामग्री का इस्तेमाल नहीं किया जा रहा है।
उनका कहना है कि निर्माण स्थल पर उपयोग की जा रही सामग्री की गुणवत्ता संदेह के घेरे में है।
इससे पुल की मजबूती और सुरक्षा पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की कि निर्माण सामग्री की जांच कराई जाए।
यदि मानकों का उल्लंघन पाया जाए तो निर्माण कार्य को तुरंत रोका जाए।
शहर के लिए महत्वपूर्ण है परियोजना
बाल निकेतन रेलवे क्रॉसिंग पर अक्सर लंबा जाम लग जाता है।
ट्रेन गुजरने के दौरान यहां वाहनों की लंबी कतार लग जाती है।
ऐसे में इस ओवरब्रिज के बन जाने से यातायात व्यवस्था में बड़ा सुधार आने की उम्मीद है।
लोगों को जाम से राहत मिलेगी और शहर में आवागमन आसान होगा।
इसी कारण लोग चाहते हैं कि इस परियोजना का निर्माण पूरी पारदर्शिता और गुणवत्ता के साथ किया जाए।
कई पदाधिकारी रहे मौजूद
जिलाधिकारी को ज्ञापन देने के दौरान संगठन के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
इस दौरान पदाधिकारियों ने कहा कि ओवरब्रिज निर्माण में गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाना चाहिए।
उन्होंने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।
ज्ञापन सौंपने वालों में कई स्थानीय कार्यकर्ता भी शामिल रहे।
सभी ने एक स्वर में कहा कि यदि निर्माण में गड़बड़ी मिली तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
जांच की मांग के बाद बढ़ी चर्चा
इस मामले के सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर चर्चा तेज हो गई है।
लोगों का कहना है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह गंभीर लापरवाही मानी जाएगी।
इसलिए प्रशासन को जल्द से जल्द जांच कराकर सच्चाई सामने लानी चाहिए।
फिलहाल प्रशासन की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
हालांकि ज्ञापन मिलने के बाद जांच की संभावना जताई जा रही है।
FAQs
मऊ में जीरो ओवरब्रिज कहां बनाया जा रहा है?
जीरो ओवरब्रिज मऊ शहर में बाल निकेतन रेलवे क्रॉसिंग के पास बनाया जा रहा है, जिससे शहर की यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने की योजना है।
ओवरब्रिज निर्माण को लेकर क्या आरोप लगाए गए हैं?
स्थानीय संगठन ने आरोप लगाया है कि ओवरब्रिज निर्माण में अनियमितताएं हो रही हैं और घटिया सामग्री का उपयोग किया जा रहा है।
इस मामले में प्रशासन से क्या मांग की गई है?
संगठन के पदाधिकारियों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर पूरे निर्माण कार्य की तकनीकी जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
इस ओवरब्रिज से शहर को क्या फायदा होगा?
ओवरब्रिज बनने से बाल निकेतन रेलवे क्रॉसिंग पर लगने वाले जाम से राहत मिलेगी और शहर में आवागमन आसान हो जाएगा।
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1 thought on “मऊ में जीरो ओवरब्रिज निर्माण पर अनियमितता के आरोप, जांच की मांग”