
इंग्लैंड के पूर्व कप्तान नासिर हुसैन ने एशेज को लेकर एक ऐसी बात कही है, जिसे इंग्लिश फैंस शायद सुनना पसंद न करें। उनका कहना है कि चाहे इंग्लैंड की टीम कितना भी तेज, आक्रामक या “Bazball” स्टाइल में खेल ले, लेकिन वास्तविकता यह है कि ऑस्ट्रेलिया इस वक्त फेवरेट है।
15 टेस्ट… और एक भी जीत नहीं!
हुसैन ने एक बहुत सीधी बात कही—
इंग्लैंड ने पिछले 15 टेस्ट ऑस्ट्रेलिया मेंखेले, लेकिन एक भी नहीं जीते।
13 मैच हारे और सिर्फ 2 में किसी तरह ड्रॉ बचाया।
इतना बड़ा अंतर अपने आप बहुत कुछ कह देता है।
ऑस्ट्रेलिया की पिचें, उनकी गेंदबाज़ी और घरेलू माहौल सबके सामने इंग्लैंड हमेशा दबाव में दिखाई दिया है।
“Bazball चलेगा या कहानी वही रहेगी?”
पिछले एक-दो साल में इंग्लैंड का “Bazball” स्टाइल दुनिया भर में चर्चा में है।
तेज़ क्रिकेट, रनों की रफ्तार, बिना डरे खेलने का तरीका—ये सब अच्छा लगता है, लेकिन हुसैन ने कहा कि असली परीक्षा तो ऑस्ट्रेलिया की धरतीपर ही होगी।
उन्होंने साफ कहा:
- अगर इंग्लैंड इस स्टाइल के साथ जीत जाता है, तो यह उनके लिए ऐतिहासिक उपलब्धि होगी।
- लेकिन अगर वही पुरानी परफॉर्मेंस रही, तो लोग कहेंगे—“कुछ नहीं बदला।”
इंग्लैंड मैनेजमेंट के सामने बड़ा चैलेंज
हुसैन ने इंग्लैंड के डायरेक्टर रॉबकी, कप्तान स्टोक्स, और कोच मैकुलम की जमकर तारीफ की, लेकिन यह भी साफ किया कि अब टीम को सिर्फ “सोच” नहीं, नतीजे देने होंगे।
इंग्लैंड की टीम ने पिछले एक साल में काफी बदलाव किए हैं।
खिलाड़ियों को आज़ादी मिली है, ड्रेसिंग रूम का माहौल पॉज़िटिव है और टीम आक्रामक सोच के साथ खेल रही है।
लेकिन यह सब तभी मायने रखता है जब एशेज जैसा बड़ा मुकाबला जीता जाए।
🇦🇺क्यों ऑस्ट्रेलिया है फेवरेट?
कुछ वजहें हुसैन ने खुद बताई:
- घरेलू पिचों का फायदा
- मजबूत गेंदबाज़ी
- लगातार जीत का मनोबल
- इंग्लैंड का खराब रिकॉर्ड
उनके मुताबिक, ऑस्ट्रेलिया जानता है कि अपने घर में कैसे दबाव बनाना है। शुरुआती 10-15 ओवर ही बता देते हैं कि मैच किस दिशा में जाएगा।

⭐इंग्लैंड जीता तो इतिहास बदलेगा, हारा तो वही पुराना पन्ना
इस बार सीरीज सिर्फ सीरीज नहीं है।
यह इंग्लैंड की नई सोच बनाम ऑस्ट्रेलिया की पुरानी ताकत की लड़ाई है।
अगर इंग्लैंड जीत गया
- “Bazball” को दुनिया सलाम करेगी
- स्टोक्स-मैकुलम की जोड़ी को सबसे सफल माना जाएगा
- और यह आधुनिक क्रिकेट की सबसे बड़ी जीत होगी
लेकिन अगर इंग्लैंड हार गया
- आलोचना वापस वहीं आ जाएगी
- रिकॉर्ड याद दिलाए जाएंगे
- और कहा जाएगा कि बातें ज़्यादा थीं, नतीजे कम
नतीजा क्या आएगा?
जिस तरह दोनों टीमों के बीच इतिहास रहा है, एशेज हमेशा अप्रत्याशित रहता है।
लेकिन नासिर हुसैन की बातों से इतना जरूर समझ आता है कि इंग्लैंड को इसबार कुछ अलग करना होगा, सिर्फ तेज खेलने से बात नहीं बनेगी।
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