जांच रिपोर्ट में खुलासा, दो पानी कंपनियों का लाइसेंस निलंबित, छह को नोटिस
मऊ। शुद्धता की गारंटी के साथ बिकने वाला बोतलबंद पानी भी अब लोगों की सेहत के लिए खतरा बनता जा रहा है।
जनपद में बोतलबंद पानी के नमूनों में कोलीफार्म बैक्टीरिया मिलने से हड़कंप मच गया है।
साथ ही पानी में मैग्नीशियम और कैल्सियम की मात्रा भी मानक से कम पाई गई है।
इसकी पुष्टि सार्वजनिक विश्लेषक प्रयोगशाला अलीगंज, लखनऊ की जांच रिपोर्ट में हुई है।
जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने कड़ी कार्रवाई करते हुए दो पानी कंपनियों का लाइसेंस निलंबित कर दिया है,
जबकिदो कंपनियों पर कार्रवाई की प्रक्रिया चल रही है।
इसके अलावा छह पानी संयंत्रों को नोटिस जारी कर सुधार के निर्देश दिए गए हैं।
गोरखपुर की कंपनी का पानी निकला फेल
पिछले वर्ष खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने शहर के मुंशीपुरा ओवरब्रिज स्थित कलावती ट्रेडर्स से बोतलबंद पानी का नमूना लिया था।
दुकानदार यह पानी गोरखपुर जनपद के बड़हलगंज स्थित रिलायबल फ्रेश कंपनी से मंगवाता था।
जांच के लिए भेजे गए नमूने की रिपोर्ट पिछले माह आई, जिसमें पानी असुरक्षित और फेल पाया गया।
प्रयोगशाला जांच में पानी में कोलीफार्म बैक्टीरिया की मौजूदगी के साथ-साथ मैग्नीशियम व कैल्सियम की कमी पाई गई।
इस मामले में संबंधित कंपनी के खिलाफ कार्रवाई के लिए रिपोर्ट गोरखपुर के अधिकारियों को भेज दी गई है।
दो कंपनियों पर कार्रवाई की प्रक्रिया जारी
इसी तरह मुहम्मदाबाद गोहना के अलाउद्दीनपुर स्थित मेसर्स जनता ऑर्गेनिक प्राइवेट लिमिटेड और दक्षिणटोला संस्कृत पाठशाला के पास स्थित मेसर्स सावित्री इंटरप्राइजेज से लिए गए पानी के नमूनों की रिपोर्ट में भी गंभीर खामियां मिली हैं।
दोनों जगह पानी में आवश्यक खनिज तत्वों की मात्रा मानक से कम पाई गई है।
विभाग ने इन दोनों कंपनियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
गंदगी मिलने पर दो पानी संयंत्र सील
दिसंबर माह में चलाए गए विशेष अभियान के दौरान विभागीय टीम ने सरायलखंसी के परदहां स्थित मेसर्स मयंक इंटरप्राइजेज
और मुहम्मदाबाद गोहना के अतरारी स्थित मेसर्स गुडवेल में छापेमारी की थी। निरीक्षण के दौरान दोनों जगह व्यापक स्तर पर गंदगी पाई गई।
स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरे को देखते हुए विभाग ने दोनों पानी संयंत्रों का लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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छह संयंत्रों को सुधार का मौका
दिसंबर में हुई छापेमारी के दौरान छह अन्य पानी संयंत्रों में भी लापरवाही सामने आई। इनमें
- मेसर्स जनता ऑर्गेनिक (अलाउद्दीनपुर),
- मेसर्स मीरा बेवरेज (मधुबन, स्टेट बैंक के पास),
- मेसर्स सावित्री इंटरप्राइजेज (दक्षिणटोला),
- मेसर्स अमृत नीर (प्रभुटंडा),
- मेसर्स वैष्णवी ट्रेडर्स (कोपागंज, चंदनपुरा),
- मेसर्स हिमालया गोल्ड (मदनपुरा) शामिल हैं।
इन सभी को कमियां दूर करने का निर्देश दिया गया है।
तय समय में सुधार न करने पर इनका भी लाइसेंस निलंबित किया जाएगा।
कोलीफार्म बैक्टीरिया से हो सकती हैं गंभीर बीमारियां
वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. संजय सिंह ने बताया कि पानी में कोलीफार्म बैक्टीरिया की मौजूदगी यह दर्शाती है कि पानी दूषित है।
ऐसे पानी के सेवन से दस्त, उल्टी, पेट का संक्रमण, टाइफाइड, हैजा और पीलिया (हेपेटाइटिस ए व ई) जैसी गंभीर बीमारियां हो सकती हैं।
बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों के लिए यह संक्रमण और भी खतरनाक साबित हो सकता है।
स्वास्थ्य से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं : विभाग
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने साफ किया है कि जनता के स्वास्थ्य से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा।
पानी प्लांट संचालकों को प्रशिक्षण देकर शुद्धता के मानकों की जानकारी दी जाएगी, लेकिन लापरवाही मिलने पर कड़ी कार्रवाई तय है।
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