केंद्र सरकार ने एलन मस्क की कंपनी X को लेकर सख्त रुख अपनाया है।सरकार ने Grok AI से जुड़े आपत्तिजनक कंटेंट पर चिंता जताई है।इसी क्रम में X को औपचारिक पत्र भेजा गया है।
पत्र में कंटेंट हटाने के निर्देश दिए गए हैं।सरकार का फोकस यूजर सेफ्टी और डिजिटल नियमों पर है।यह मामला सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा में है।सरकार साफ संकेत दे चुकी है कि नियमों से कोई समझौता नहीं होगा।
Grok AI को लेकर सरकार की आपत्ति
Grok AI, X प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध एक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टूल है।
हाल के दिनों में इसके कुछ जवाबों पर सवाल उठे हैं।
इन जवाबों को आपत्तिजनक और अशोभनीय बताया गया है।
सरकार के अनुसार, ऐसा कंटेंट भारतीय कानूनों के अनुरूप नहीं है।
खासतौर पर बच्चों और युवाओं की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई गई है।
इसलिए तुरंत कार्रवाई की जरूरत बताई गई है।
X को भेजे गए पत्र में क्या कहा गया
केंद्र सरकार ने X को भेजे पत्र में स्पष्ट निर्देश दिए हैं।
पत्र में कहा गया है कि आपत्तिजनक कंटेंट को तुरंत हटाया जाए।
साथ ही भविष्य में ऐसी सामग्री न दिखे, इसके लिए कदम उठाने को कहा गया है।
सरकार ने यह भी संकेत दिया है किडिजिटल प्लेटफॉर्म्स की जिम्मेदारी तय है।
यूजर्स को सुरक्षित और कानूनसम्मत कंटेंट देना जरूरी है।यदि लापरवाही होती है, तो कार्रवाई हो सकती है।
IT नियमों और डिजिटल जिम्मेदारी पर जोर
सरकार लगातार आईटी नियमों के पालन पर जोर दे रही है।सोशल मीडिया कंपनियों को स्थानीय कानून मानने होते हैं।
इसमें कंटेंट मॉडरेशन अहम भूमिका निभाता है।
सरकार का मानना है कि AI टूल्स के बढ़ते इस्तेमाल के साथ निगरानी जरूरी है।
गलत या आपत्तिजनक जानकारी समाज पर असर डाल सकती है।इसी कारण प्लेटफॉर्म्स को सतर्क रहने को कहा गया है।
Grok AI और कंटेंट मॉडरेशन की चुनौती
Grok AI को तेजी से जानकारी देने के लिए डिजाइन किया गया है।हालांकि, AI के जवाब पूरी तरह स्वचालित होते हैं।
यहीं से कंटेंट मॉडरेशन की चुनौती शुरू होती है।
विशेषज्ञों के अनुसार, AI सिस्टम को स्थानीय संवेदनशीलताओं के अनुसार प्रशिक्षित करना जरूरी है।
एक ही गलती पूरे प्लेटफॉर्म की छवि को नुकसान पहुंचा सकती है।सरकार भी इसी दिशा में सुधार चाहती है।
आने वाले समय में क्या हो सकता है
X की ओर से अब आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।संभावना है कि कंपनी कंटेंट हटाने की प्रक्रिया तेज करेगी।
साथ ही AI सिस्टम में बदलाव किए जा सकते हैं।
सरकार ने पहले भी स्पष्ट किया है किडिजिटल स्पेस में कानून सर्वोपरि है।
चाहे कंपनी विदेशी हो या घरेलू।नियम सभी पर समान रूप से लागू होंगे।
निष्कर्ष
Grok AI से जुड़ा यह मामला अहम माना जा रहा है।यह केवल एक प्लेटफॉर्म तक सीमित नहीं है।
बल्कि पूरे AI और सोशल मीडिया इकोसिस्टम से जुड़ा है।
केंद्र सरकार का संदेश साफ है।यूजर सेफ्टी और कानून से कोई समझौता नहीं।
आने वाले समय में डिजिटल प्लेटफॉर्म्स की जवाबदेही और बढ़ सकती है।
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