उत्तर प्रदेश में वृद्धावस्था पेंशन योजना को लेकर बड़ा फैसला लिया गया है।सरकार ने योजना की गहन समीक्षा कर लाखों बुजुर्गों को राहत दी है।
जहां एक ओर नए पात्र लोगों को योजना से जोड़ा गया है, वहीं दूसरी ओर गलत और अपात्र नाम हटाए गए हैं।इस बदलाव से पेंशन व्यवस्था पहले से ज्यादा पारदर्शी और भरोसेमंद मानी जा रही है।
9.83 लाख नए बुजुर्ग पेंशन योजना में शामिल
साल 2025 में वृद्धावस्था पेंशन योजना के तहत 9.83 लाख नए लाभार्थियों को जोड़ा गया है।
ये वे बुजुर्ग हैं, जो सभी मानकों पर खरे उतरते थे लेकिन पहले किसी वजह से योजना में शामिल नहीं हो पाए थे।
जिला स्तर पर सत्यापन के बाद इन नामों को अंतिम सूची में शामिल किया गया।
इससे हजारों परिवारों को सीधा आर्थिक सहारा मिला है।
3.32 लाख मृतक और अपात्र नाम हटे
सरकार की जांच में यह भी सामने आया कि पेंशन सूची में बड़ी संख्या में ऐसे नाम मौजूद थे, जो अब पात्र नहीं थे।
इनमें अधिकतर मृतक लाभार्थी शामिल थे।
इसके अलावा, कुछ नाम ऐसे भी पाए गए जिनकी आय या उम्र निर्धारित मानकों से मेल नहीं खाती थी।
सत्यापन के बाद 3.32 लाख नामों को सूची से हटा दिया गया।
डिजिटल सत्यापन से सामने आई गड़बड़ियां
डिजिटल रिकॉर्ड और सरकारी डाटाबेस के मिलान से कई अनियमितताएं उजागर हुईं।
डुप्लीकेट नाम, गलत जानकारी और पुराना डेटा इसकी वजह बना।
सरकार का मानना है कि इस प्रक्रिया से सरकारी धन की बचत हुई है।
साथ ही, सही लोगों तक सहायता पहुंचाना आसान हुआ है।
कुल लाभार्थियों की संख्या में इजाफा
नए नाम जुड़ने के बाद राज्य में वृद्धावस्था पेंशन पाने वालों की संख्या बढ़कर करीब 67.50 लाख हो गई है।
यह आंकड़ा बताता है कि योजना का दायरा लगातार बढ़ रहा है।
सरकार का फोकस अब ज्यादा से ज्यादा जरूरतमंद बुजुर्गों तक पहुंच बनाने पर है।
बिना आवेदन के मिलेगी पेंशन
अब सरकार ऐसी व्यवस्था लागू कर रही है, जिससे बुजुर्गों को अलग से आवेदन नहीं करना पड़ेगा।
जैसे ही कोई व्यक्ति 60 वर्ष की आयु पूरी करेगा और पात्र होगा, पेंशन अपने आप शुरू हो जाएगी।
इस फैसले से बुजुर्गों को दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।
समय पर भुगतान पर जोर
नई प्रणाली के तहत पेंशन सीधे बैंक खाते में भेजी जाएगी।
इससे भुगतान में देरी की समस्या भी कम होगी।सरकार समय पर और नियमित भुगतान सुनिश्चित करने की दिशा में काम कर रही है।
सरकार का मकस दसाफ
सरकार का कहना है कि वृद्धावस्था पेंशन सिर्फ आर्थिक सहायता नहीं है।
यह बुजुर्गों के सम्मान और सुरक्षा से जुड़ा मुद्दा है।
इसी वजह से योजना को लगातार बेहतर बनाया जा रहा है।
निष्कर्ष
यूपी वृद्धावस्था पेंशन योजना में किया गया यह बदलाव अहम माना जा रहा है।
नए लाभार्थियों को जोड़ना और गलत नाम हटाना, दोनों ही जरूरी कदम थे।इससे योजना ज्यादा पारदर्शी बनी है।
आने वाले समय में और बुजुर्गों को इसका सीधा फायदा मिलने की उम्मीद है।
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