एशेज टेस्ट के बाद MCG की पिच पर सवाल
मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड की पिच को लेकर बड़ा फैसला सामने आया है। ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच खेले गए चौथे एशेज टेस्ट के बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद ने इस पिच को ‘अनसैटिस्फैक्टरी’ करार दिया है। इसके साथ ही MCG को एक डिमेरिट पॉइंट भी दिया गया है।
यह टेस्ट मैच सिर्फ दो दिन में खत्म हो गया था। इसी वजह से पिच की गुणवत्ता पर सवाल उठे। ICC के नियमों के अनुसार, किसी भी अंतरराष्ट्रीय मैदान की पिच का संतुलित होना बेहद जरूरी माना जाता है।
क्यों खराब मानी गई मेलबर्न की पिच
बल्लेबाजों के लिए मुश्किल हालात
मैच रेफरी की रिपोर्ट में साफ कहा गया कि पिच ने गेंदबाजों को जरूरत से ज्यादा मदद दी। बल्लेबाजों के लिए रन बनाना बेहद कठिन हो गया था।
मैच के आंकड़े इस बात की गवाही देते हैं।
- पहले दिन गिरे 20 विकेट
- दूसरे दिन गिरे 16 विकेट
- कोई भी बल्लेबाज अर्धशतक नहीं लगा सका
इन आंकड़ों ने साबित कर दिया कि मुकाबला संतुलित नहीं था।
ICC का पिच रेटिंग सिस्टम क्या कहता है
चार स्तरों में होती है पिच की रेटिंग
ICC पिच और आउटफील्ड मॉनिटरिंग सिस्टम के तहत पिच को चार श्रेणियों में बांटा जाता है।
- वेरी गुड
- सैटिस्फैक्टरी
- अनसैटिस्फैक्टरी
- अनफिट
‘अनसैटिस्फैक्टरी’ रेटिंग मिलने पर मैदान को एक डिमेरिट पॉइंट दिया जाता है। वहीं अगर पिच ‘अनफिट’ घोषित हो, तो तीन डिमेरिट पॉइंट मिलते हैं।
डिमेरिट पॉइंट का क्या असर पड़ेगा
अभी खतरे की कोई बात नहीं
मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड को मिला यह पहला डिमेरिट पॉइंट है। इसका मतलब यह है कि फिलहाल मैदान पर कोई प्रतिबंध नहीं लगेगा।
हालांकि, ICC के नियमों के अनुसार अगर किसी मैदान को पांच साल में छह या उससे ज्यादा डिमेरिट पॉइंट मिलते हैं, तो उस पर 12 महीने तक अंतरराष्ट्रीय मैचों की मेजबानी से रोक लग सकती है।
इस लिहाज से MCG को आगे सतर्क रहने की जरूरत होगी।
दो दिन में खत्म हुआ एशेज टेस्ट
इंग्लैंड ने दर्ज की यादगार जीत
चौथे टेस्ट में इंग्लैंड ने ऑस्ट्रेलिया को चार विकेट से हराया। मैच का इतनी जल्दी खत्म होना अपने आप में चौंकाने वाला था।
इस जीत के साथ इंग्लैंड ने ऑस्ट्रेलिया में 14 साल बाद टेस्ट मैच जीता। हालांकि, ऑस्ट्रेलिया पहले ही सीरीज में बढ़त बना चुका था।
खिलाड़ियों और विशेषज्ञों की प्रतिक्रिया
पिच को लेकर उठे सवाल
मैच के बाद कई पूर्व खिलाड़ियों और क्रिकेट विशेषज्ञों ने पिच की आलोचना की।
- बल्लेबाजों के लिए हालात असमान बताए गए
- टेस्ट क्रिकेट के लिए संतुलन की कमी मानी गई
- दर्शकों को लंबे मुकाबले देखने को नहीं मिले
हालांकि, कुछ लोगों का मानना है कि तेज गेंदबाजों को मदद मिलना टेस्ट क्रिकेट का हिस्सा है। फिर भी, अत्यधिक असंतुलन को सही नहीं माना गया।
आगे क्या बदलाव हो सकते हैं
पिच तैयार करने की प्रक्रिया पर नजर
मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड के क्यूरेटर अब भविष्य के मुकाबलों से पहले पिच की तैयारी पर दोबारा विचार कर सकते हैं।
- घास की मात्रा
- मिट्टी की संरचना
- मैच से पहले की तैयारी
इन सभी पहलुओं पर ध्यान दिया जाएगा, ताकि अगली बार बल्लेबाज और गेंदबाज दोनों को बराबर मौका मिले।
निष्कर्ष
मेलबर्न जैसी ऐतिहासिक जगह पर पिच को लेकर ICC की यह रिपोर्ट एक चेतावनी मानी जा सकती है। एक डिमेरिट पॉइंट भले ही बड़ा खतरा न हो, लेकिन यह साफ संकेत है कि संतुलन जरूरी है।
आने वाले मैचों में MCG की पिच पर सबकी नजर रहेगी। क्रिकेट प्रेमी उम्मीद करेंगे कि भविष्य में यहां फिर से रोमांचक और लंबे टेस्ट मुकाबले देखने को मिलें।
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