मऊ में डिलीवरी कर्मचारियों का प्रदर्शन: बकाया वेतन और शोषण के खिलाफ जोरदार विरोध

मऊ में डिलीवरी कर्मचारियों का प्रदर्शन

बकाया वेतन को लेकर मऊ में उबाल

मऊ में शुक्रवार सुबह डिलीवरी कर्मचारियों ने कंपनी पर बकाया वेतन रोकने और शोषण के गंभीर आरोप लगाए।

कर्मचारियों ने अचानक काम बंद कर दिया और मुख्य सड़क पर एकत्र होकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।

इस कदम से पूरे इलाके में हलचल मच गई। कई लोग प्रदर्शन स्थल के पास रुककर स्थिति समझने की कोशिश करते रहे।

कर्मचारियों का आरोप है कि कंपनी कई दिनों से वेतन देने में देरी कर रही है।

वहीं, पहले किए गए वादों को भी बार-बार टाल दिया गया। इससे कर्मचारियों का धैर्य टूट गया और वे मजबूर होकर सड़कों पर उतर आए।

कर्मचारियों की मुख्य मांगें

प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों ने अपनी परेशानियों को विस्तार से बताया। उनकी प्रमुख मांगें इस प्रकार हैं:

  • बकाया वेतन का तत्काल भुगतान
  • समय पर वेतन देने की लिखित गारंटी
  • वेतन वृद्धि और इंसेंटिव की पारदर्शी व्यवस्था
  • कंपनी अधिकारियों द्वारा दुर्व्यवहार रोकने की मांग
  • काम का समय निर्धारित करने और ओवरटाइम का उचित भुगतान

कर्मचारियों का कहना है कि वे कम वेतन में दिन-रात मेहनत करते हैं, लेकिन फिर भी समय पर भुगतान नहीं मिलता।

इससे उनके परिवारों की आर्थिक स्थिति लगातार बिगड़ रही है।

प्रदर्शन का माहौल और कर्मचारियों की चेतावनी

प्रदर्शन शांतिपूर्ण था, लेकिन कर्मचारियों की नाराज़गी साफ-साफ दिख रही थी।

भीड़ में शामिल कई कर्मचारियों ने कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी, तब तक काम शुरू नहीं करेंगे।

कुछ कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि अगर जल्द समाधान न निकाला गया, तो आंदोलन और बड़ा रूप लेगा।

प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने एक-दूसरे को संगठित रहने की सलाह दी।

उन्होंने कहा कि कोई भी धमकी या दबाव उन्हें अब पीछे नहीं हटा सकता।

स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया

स्थानीय लोगों ने कर्मचारियों का समर्थन किया।

कई लोगों का कहना है कि कामगारों को समय पर वेतन मिलना ही चाहिए, ताकि वे अपने परिवार का पालन-पोषण कर सकें।

कुछ दुकानदारों ने यह भी बताया कि अक्सर डिलीवरी कर्मचारी लंबी दूरी तय करते हैं और बेहद कठिन परिस्थितियों में काम करते हैं।

ऐसे में उनके साथ किसी भी प्रकार का शोषण अस्वीकार्य है।

प्रशासन और कंपनी की भूमिका

प्रदर्शन की सूचना मिलने के बाद स्थानीय प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची।

अधिकारियों ने कर्मचारियों की बात सुनी और स्थिति को शांत करने की कोशिश की।

कर्मचारियों ने प्रशासन को बताया कि वे विभिन्न स्तरों पर अपनी बात उठा चुके हैं, लेकिन कोई समाधान नहीं निकल रहा।

कंपनी के कुछ प्रतिनिधि भी कर्मचारियों से बातचीत के लिए पहुंचे।

उन्होंने जल्द समाधान निकालने का आश्वासन दिया। हालांकि, कर्मचारी आश्वासन पर भरोसा करने से पहले लिखित फैसले की मांग कर रहे हैं।

क्यों बढ़ गया है तनाव?

मऊ में डिलीवरी वर्कर्स का यह प्रदर्शन इस बात की तरफ ध्यान खींचता है कि निजी कंपनियों में काम करने वाले कर्मचारियों की समस्याएं बहुत गंभीर हैं।

समय पर भुगतान न मिलना, ओवरटाइम की अनदेखी, सुरक्षा की कमी और नौकरी जाने के डर जैसी समस्याएँ लगातार बढ़ रही हैं।

कर्मचारियों का कहना है कि जब तक कंपनी पारदर्शिता नहीं दिखाती, तब तक यह संघर्ष जारी रहेगा।

यह घटना साबित करती है कि डिलीवरी वर्कर्स सिर्फ सुविधा देने वाले कर्मचारी नहीं,

बल्कि समाज की एक महत्वपूर्ण जरूरत हैं, जिन्हें सम्मान और सुरक्षा मिलना बेहद जरूरी है।

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