
कोपा कोहना दलित बस्ती के निवासियों ने जल निकासी की समस्या को लेकर विरोध प्रदर्शन किया
मऊ जिले की कोपा कोहना दलित बस्ती में जल निकासी और स्वच्छता की बदहाल स्थिति को लेकर रविवार को स्थानीय निवासियों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने बताया कि बस्ती की नालियां कई महीनों से टूटी हुई हैं। गंदा पानी गलियों और खेतों में भर जाता है, जिससे लगातार दुर्गंध और बीमारी का खतरा बढ़ गया है।
नालियां टूटी, पानी जमा—जीवन अस्त-व्यस्त
स्थानीय लोगों ने कहा कि बारिश होते ही गंदा पानी घरों के बाहर तक आ जाता है।
बच्चों और बुजुर्गों को रोजाना गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ता है।
कई हिस्सों में स्थित नालियां पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी हैं, लेकिन अब तक मरम्मत नहीं कराई गई।
नगर पंचायत पर लापरवाही का आरोप
प्रदर्शन में शामिल महिलाओं ने आरोप लगाया कि नगर पंचायत क्षेत्र में शामिल होने के बाद भी बस्ती में कोई विकास कार्य नहीं हुआ।
सफाई कर्मी कई-कई दिनों तक नहीं आते, जिससे कचरा और गंदगी लगातार जमा रहती है।
निवासियों का कहना है कि बार-बार शिकायत करने के बावजूद अधिकारी मौके पर आते भी नहीं हैं।
पीने के पानी से लेकर रास्तों तक की समस्या
जल निकासी के साथ-साथ बस्ती में पीने के स्वच्छ पानी की भी भारी कमी है।
कई परिवारों को दूर से पानी लाना पड़ता है। टूटी गलियों और कीचड़ से भरे रास्तों के कारण दैनिक जीवन और अधिक कठिन हो गया है।
निवासियों ने रखी ये प्रमुख मांगें
- टूटी नालियों की तत्काल मरम्मत
- नियमित और प्रभावी सफाई व्यवस्था
- पक्के रास्तों का निर्माण
- साफ पेयजल की उपलब्धता
- नगर पंचायत अधिकारियों की जवाबदेही तय करना
जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो होगा बड़ा आंदोलन
स्थानीय लोगों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं किया गया, तो वे आंदोलन को और व्यापक करेंगे।
निवासियों का कहना है कि अब वे “आश्वासन” नहीं, बल्कि “जमीन पर काम” चाहते हैं।
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