मऊ । एक तरफ प्रदेश में बिजली संकट को लेकर सरकार लगातार चिंतित नजर आ रही है, वहीं दूसरी तरफ जमीनी स्तर पर लापरवाही कम होने का नाम नहीं ले रही। मंगलवार को कोपागंज क्षेत्र के डांड़ी के पास स्थित सड़क किनारे स्ट्रीट लाइटें दिन के उजाले में भी जलती हुई मिलीं। इससे साफ है कि नगर निकाय ऊर्जा बचत को लेकर गंभीर नहीं दिख रहे।

ऊर्जा बचत पर जागरूकता, लेकिन जिम्मेदार ही लापरवाह
सरकार की ओर से लगातार ऊर्जा बचत के लिए जनता को जागरूक किया जाता है। नगर पालिका और नगर पंचायत प्रशासन की तरफ से कई सार्वजनिक स्थानों और नेशनल हाईवे के किनारे स्ट्रीट लाइटें लगाई गई हैं ताकि रात के समय राहगीरों को सुविधा मिल सके। लेकिन हकीकत यह है कि ये लाइटें दिन में भी जलती रहती हैं।
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स्थानीय लोगों ने जताई नाराजगी
स्थानीय निवासी राजमंगल, जयनाथ यादव और अमरजीत चौहान ने बताया कि जब सरकार बिजली बचाने के लिए जनता से अपील कर रही है, तब खुद प्रशासन ही इस मामले में लापरवाही बरत रहा है।
उनके अनुसार, कई स्थानों पर स्ट्रीट लाइटें सुबह से शाम तक लगातार जलती रहती हैं।
लोगों का कहना है कि स्ट्रीट लाइट्स को दिन में बंद करने के लिए मेन स्विच लगाए गए हैं, लेकिन फिर भी नगर पंचायत और नगर पालिका की टीम उन्हें बंद नहीं करती।
इससे सरकारी धन की बर्बादी तो हो ही रही है, साथ-साथ बिजली की अनावश्यक खपत भी बढ़ रही है।

लापरवाही से जनता परेशान
ऊर्जा संकट के समय इस तरह की अनदेखी आम जनता को भी परेशान कर रही है।
लोगों का कहना है कि यदि निकाय प्रशासन थोड़ी सी जिम्मेदारी दिखाए, तो काफी बिजली बचाई जा सकती है।
लगातार जलती स्ट्रीट लाइटें प्रशासन की सुस्ती का साफ संकेत देती हैं।
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